iPhone 18 Pro आ रहा है? सबसे पहले ये 7 चीज़ें खरीदिए
iPhone 18 Pro का pre-order लग गया. अब अगले दस दिन का इंतज़ार है. उस इंतज़ार में सात चीज़ें अभी खरीद लीजिए, तीन डिलीवरी के बाद, और चार पर एक रुपया भी मत लगाइए.
ऑर्डर कन्फ़र्म का मैसेज आते ही जो होता है, वो अजीब चीज़ है. खुशी कम, बेचैनी ज़्यादा. फ़ोन अभी आया भी नहीं और दिमाग़ में पचास सवाल चल पड़ते हैं — कवर कौन सा, ग्लास कौन सा, चार्जर तो डिब्बे में मिलेगा ही नहीं, पुराने फ़ोन का सारा डेटा कैसे जाएगा.
पिछले साल मैंने यही गलती की थी. फ़ोन आने के बाद तीन दिन तक बिना कवर, बिना ग्लास घूमता रहा, क्योंकि जो केस मंगाया था उसका कैमरा कटआउट आधा इंच ऊपर था. वापस भेजा, दोबारा मंगाया, बीच में एक बार टेबल से गिरा भी. सीख यही मिली कि तैयारी डिलीवरी से पहले करनी है, लेकिन हर चीज़ की नहीं.
तो ये गाइड दो हिस्सों में है. पहला हिस्सा उन चीज़ों का जो फ़ोन के मॉडल से कोई मतलब नहीं रखतीं — चार्जर, केबल, पावर बैंक. ये आप आज रात मंगा सकते हैं. दूसरा हिस्सा उन चीज़ों का जिन्हें मंगाने में जल्दबाज़ी सीधा पैसा बर्बाद कराती है.
तारीख़ें: कब क्या होने वाला है
Apple का इवेंट 9 सितंबर की रात को है, भारतीय समय के हिसाब से लगभग साढ़े दस बजे. इसके बाद का शेड्यूल रिपोर्ट्स पर आधारित है, Apple ने अभी सब कुछ आधिकारिक तौर पर कन्फ़र्म नहीं किया.
9 सितंबर
लॉन्च इवेंट. कीमत, स्टोरेज वेरिएंट और रंग यहीं पता चलेंगे.
12 सितंबर (अनुमानित)
भारत में प्री-ऑर्डर खुलने की उम्मीद. बैंक ऑफ़र और कैशबैक की डिटेल आमतौर पर इसी दिन आती है.
18 सितंबर (अनुमानित)
पहली डिलीवरी और स्टोर पर उपलब्धता. यानी ऑर्डर से हाथ तक लगभग एक हफ़्ता.
इस साल की एक बात ध्यान रखिए — रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सितंबर में सिर्फ़ Pro मॉडल आ रहे हैं. नॉर्मल iPhone 18 का इंतज़ार 2027 की शुरुआत तक खिंच सकता है. अगर आपका बजट Pro का नहीं है, तो अभी जल्दबाज़ी में कुछ मत मंगाइए.
डिब्बा खुलने से पहले का पहला काम
सवाल था "सबसे पहले क्या करूं". जवाब कोई प्रोडक्ट नहीं है. सबसे पहले पुराने फ़ोन का पूरा बैकअप ले लीजिए, और वो भी आज.
iCloud का फ़्री 5GB किसी के लिए काफ़ी नहीं होता. एक महीने के लिए 50GB वाला प्लान ले लीजिए, बैकअप पूरा होने दीजिए, नए फ़ोन में रीस्टोर कर लीजिए, फिर चाहें तो प्लान बंद कर दीजिए. डेटा ट्रांसफ़र वाले दिन आधा घंटा बचेगा और WhatsApp चैट का पूरा इतिहास भी साथ आएगा.
दूसरा काम: पुराने फ़ोन की हालत की फ़ोटो खींच लीजिए और स्क्रीन गार्ड निकाल दीजिए. एक्सचेंज वैल्यू पर फ़र्क पड़ता है, क्योंकि कई बार पुराने घिसे ग्लास के नीचे की स्क्रीन असल में साफ़ होती है और पिकअप वाला बंदा ऊपर का स्क्रैच देखकर ग्रेड गिरा देता है.
अभी खरीद लीजिए — 7 चीज़ें
इन सातों का iPhone 18 Pro की exact डाइमेंशन से कोई लेना-देना नहीं. आज मंगाएंगे तो फ़ोन आने तक घर पर पड़ी होंगी.
01
30W–45W GaN USB-C चार्जर
लगभग ₹800–₹2,200
ज़रूर लीजिए
डिब्बे में चार्जर नहीं आता, ये अब पुरानी बात हो चुकी है, फिर भी हर साल लोग भूल जाते हैं. सिर्फ़ केबल मिलेगी.
20W वाला सस्ता एडेप्टर काम चला देगा, लेकिन फ़र्क साफ़ दिखता है. 30W या उससे ऊपर के PD चार्जर पर फ़ोन आधे घंटे में लगभग आधा भर जाता है. GaN वाले मॉडल छोटे होते हैं और गर्म भी कम होते हैं, इसलिए एक्सटेंशन बोर्ड में बगल वाली सॉकेट भी खाली नहीं होती. Anker, Ambrane, Portronics, Belkin — सबके पास इस रेंज में ठीक-ठाक ऑप्शन हैं.
अगर घर में एक ही चार्जर से लैपटॉप और फ़ोन दोनों चलाने हैं तो 65W का दो-पोर्ट वाला लीजिए. दो अलग चार्जर से सस्ता पड़ता है.
02
USB-C से USB-C ब्रेडेड केबल (60W+)
लगभग ₹300–₹900
ज़रूर लीजिए
बॉक्स वाली केबल एक ही है और वो आमतौर पर एक मीटर की होती है. बिस्तर पर लेटकर चलाने वालों के लिए ये लंबाई तकलीफ़ है. डेढ़ या दो मीटर वाली एक एक्स्ट्रा केबल ले लीजिए, ऑफ़िस बैग में डालकर भूल जाइए.
ध्यान रखिए कि पुरानी Lightning केबलें अब किसी काम की नहीं. अगर घर में पांच लाइटनिंग केबल पड़ी हैं तो वो पुराने iPhone या AirPods तक ही सीमित रहेंगी. ब्रेडेड नायलॉन वाली इसलिए कि रबर वाली छह महीने में कनेक्टर के पास से फटने लगती है.
03
Qi2 मैग्नेटिक वायरलेस चार्जर स्टैंड
लगभग ₹1,200–₹4,500
लेने लायक है
ये वो चीज़ है जिसे लोग "दिखावा" कहकर छोड़ देते हैं और फिर लेने के बाद रोज़ इस्तेमाल करते हैं. मेज़ पर रखा स्टैंड, फ़ोन चिपकाया, चार्ज होते-होते घड़ी और नोटिफ़िकेशन दिखते रहते हैं.
खरीदते वक़्त लेबल पर Qi2 ढूंढिए, सिर्फ़ "magnetic" या "MagSafe compatible" लिखा होना काफ़ी नहीं. Qi2 वाले 15W से 25W तक जाते हैं; बाक़ी वाले सिर्फ़ चिपकते हैं और 5W-7.5W पर रेंगते हैं. पुराने iPhone का MagSafe चार्जर पड़ा है तो वो भी चल जाएगा, बस उसे चलाने के लिए 30W एडेप्टर चाहिए.
04
मैग्नेटिक पावर बैंक (10,000mAh)
लगभग ₹1,600–₹4,000
लेने लायक है
तार वाला पावर बैंक जेब में रखकर चलना अपने आप में एक सज़ा है. मैग्नेटिक वाला पीछे चिपक जाता है और फ़ोन एक हाथ में चलता रहता है.
10,000mAh लगभग डेढ़ से पौने दो फ़ुल चार्ज देता है, जो दिन भर की ट्रैवलिंग के लिए ठीक है. 20,000mAh वाला ज़्यादा टिकाऊ लगता है लेकिन वज़न दोगुना हो जाता है और मैग्नेट उसे संभाल नहीं पाता, वो लटक जाता है. फ़्लाइट में ले जाना हो तो 100Wh की लिमिट याद रखिए — इस साइज़ में सब उसके अंदर ही आते हैं.
05
कार चार्जर + मैग्नेटिक कार माउंट
लगभग ₹700–₹2,500
रोज़ ड्राइव करते हैं तो हाँ
Maps चालू, म्यूज़िक चालू, कॉल आ रही है — बैटरी दो घंटे में आधी. डैशबोर्ड वाला मैग्नेटिक माउंट और एक 30W का कार एडेप्टर इस पूरी समस्या को खत्म कर देता है.
वेंट पर लगने वाले माउंट गर्मियों में AC की हवा सीधे फ़ोन पर मारते हैं, जो सुनने में अच्छा लगता है पर सर्दियों में हीटर के साथ उल्टा पड़ता है. चिपकाने वाला डैशबोर्ड माउंट लंबे समय में ज़्यादा भरोसेमंद निकलता है.
06
ट्रैकर टैग (AirTag या इसका विकल्प)
लगभग ₹1,000–₹3,500
सबके लिए नहीं
ये फ़ोन के लिए नहीं है, फ़ोन तो Find My में पहले से है. ये उस बैग के लिए है जिसमें फ़ोन रखा जाता है, या घर की चाबी के लिए, या ट्रेन में जाने वाली सूटकेस के लिए.
Apple का अपना AirTag Find My नेटवर्क पर सबसे भरोसेमंद है. सस्ते वाले टैग सिर्फ़ ब्लूटूथ रेंज में काम करते हैं, यानी घर के अंदर चाबी ढूंढने तक ठीक हैं, स्टेशन पर छूटे बैग के लिए नहीं. अगर सफ़र कम होता है तो इसे छोड़ भी सकते हैं.
07
USB-C हब / कार्ड रीडर
लगभग ₹500–₹1,800
फ़ोटो-वीडियो वालों के लिए
USB-C पोर्ट का असली फ़ायदा यहीं खुलता है. सीधे पेन ड्राइव लगाइए, कैमरे का SD कार्ड लगाइए, फ़ाइल्स ऐप में सब दिख जाएगा. ProRes जैसी भारी वीडियो फ़ाइलें सीधे बाहरी स्टोरेज पर रिकॉर्ड करनी हों तो ये ज़रूरी हो जाता है.
अगर फ़ोन पर सिर्फ़ WhatsApp, YouTube और UPI चलता है, तो ईमानदारी से इसकी कोई ज़रूरत नहीं. पैसा बचाइए.
फ़ोन आने के बाद खरीदिए — 3 चीज़ें
यहाँ जल्दबाज़ी सीधा नुकसान है. नए मॉडल की असली डाइमेंशन, बटन की जगह और कैमरा बंप का साइज़ इवेंट के बाद ही पक्का होता है. उससे पहले जो "iPhone 18 Pro केस" लिस्ट हो रहे हैं, वो लीक हुए डमी यूनिट पर बने हैं. कई बार सही निकलते हैं, कई बार कैमरा कटआउट दो मिलीमीटर खिसक जाता है और पूरा केस बेकार.
08
टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन गार्ड
लगभग ₹250–₹900
डिलीवरी के बाद मंगाइए
दो का पैक लीजिए, एक का नहीं. पहली बार लगाते वक़्त धूल का एक कण भी बुलबुला बना देता है और फिर वो पूरे दिन आँख में चुभता है.
इंस्टॉलेशन फ़्रेम वाला पैक ढूंढिए, इसमें प्लास्टिक का एक ढांचा आता है जो ग्लास को अपने आप सही जगह बैठा देता है. और एक छोटी सलाह: बाथरूम में गरम पानी चलाकर दो मिनट भाप भर लीजिए, फिर वहीं लगाइए. हवा में उड़ती धूल बैठ जाती है.
09
कैमरा लेंस प्रोटेक्टर
लगभग ₹300–₹800
डिलीवरी के बाद मंगाइए
कैमरा बंप सबसे ऊपर उठा हुआ हिस्सा है, यानी मेज़ पर रखने से लेकर जेब में चाबी के साथ रगड़ खाने तक, सबसे पहले वही घिसता है. एक खरोंच और हर फ़ोटो में हल्का फ़्लेयर आना शुरू.
पर सावधानी ज़रूरी है. घटिया क्वालिटी का लेंस प्रोटेक्टर रात की फ़ोटो में रोशनी के चारों तरफ़ रिंग बना देता है. अगर फ़ोन हमेशा उठे हुए किनारे वाले केस में रहता है, तो इसे छोड़ना भी बुरा फ़ैसला नहीं.
10
केस (MagSafe वाला क्लियर या रग्ड)
लगभग ₹500–₹3,500
डिलीवरी के बाद मंगाइए
ऐसा केस चुनिए जिसमें मैग्नेट का रिंग बना हो, वरना ऊपर बताया गया पूरा मैग्नेटिक सेटअप बेकार हो जाएगा — न स्टैंड चिपकेगा, न पावर बैंक, न कार माउंट.
सस्ते क्लियर केस तीन-चार महीने में पीले पड़ जाते हैं, ये लगभग तय है. थोड़ा ज़्यादा देकर अच्छा वाला लेना सस्ता सौदा है. गिरने का डर ज़्यादा है तो किनारों पर उठे हुए होंठ और अंदर हवा के कुशन वाला रग्ड केस बेहतर है, भले मोटा लगे.
इन चार पर पैसा मत लगाइए
₹99 वाला "fast charger". इन पर PD सर्टिफ़िकेशन नहीं होता. फ़ोन इन्हें पहचान ही नहीं पाता और 5W पर चार्ज करता है. सस्ते बोर्ड वाले एडेप्टर गर्म होकर बैटरी की सेहत भी बिगाड़ते हैं.
अभी लिस्ट हो रहे iPhone 18 Pro केस. इवेंट से पहले बिक रहा हर केस अंदाज़े पर बना है. एक हफ़्ता रुकिए.
"MagSafe compatible" जो असल में सिर्फ़ मैग्नेट है. डिस्क्रिप्शन में Qi2 और वॉट का नंबर साफ़ लिखा न हो तो समझिए वो सिर्फ़ चिपकने वाली प्लेट है.
प्राइवेसी स्क्रीन गार्ड, बिना सोचे. ट्रेन में बगल वाला नहीं देख पाएगा, ये सच है. साथ में स्क्रीन की चमक भी लगभग एक तिहाई कम हो जाती है और धूप में कुछ नहीं दिखता. महंगी स्क्रीन खरीदकर उसे धुंधला करना अजीब सौदा है.
Day-1 चेकलिस्ट
डिलीवरी वाले दिन के लिए, क्रम से:
1. डिलीवरी वाले को सामने खड़ा रखकर बॉक्स खोलिए और खोलते हुए वीडियो बनाइए. IMEI बॉक्स पर लिखे नंबर से मिलाइए. 2. पहले चार्ज पर लगाइए, फिर सेटअप शुरू कीजिए, क्योंकि रीस्टोर में बैटरी तेज़ी से गिरती है. 3. iCloud बैकअप से रीस्टोर कीजिए, WhatsApp अलग से रीस्टोर मांगेगा. 4. ग्लास और केस तभी लगाइए जब स्क्रीन बिल्कुल साफ़ हो. 5. Settings में जाकर Find My चालू है या नहीं, ये देख लीजिए. 6. पुराने फ़ोन से SIM निकालने या eSIM ट्रांसफ़र करने से पहले दोनों फ़ोन का बैकअप पूरा हो चुका हो.
और आख़िरी बात, जो कोई नहीं कहता. पहले हफ़्ते फ़ोन को थोड़ा इस्तेमाल कीजिए, फिर तय कीजिए कि कौन सी एक्सेसरी वाक़ई चाहिए. वायरलेस चार्जर पहले दिन ज़रूरी लगता है, तीसरे दिन पता चलता है कि आप हमेशा केबल ही लगाते हैं. लिस्ट में सब कुछ एक साथ मंगाने की ज़रूरत नहीं.
आम सवाल
Frequently Asked Questions
क्या iPhone 18 Pro के बॉक्स में चार्जर मिलेगा?
नहीं. Apple 2020 से बॉक्स में पावर एडेप्टर नहीं देता, सिर्फ़ केबल आती है. 30W या उससे ऊपर का USB-C PD चार्जर अलग से लेना पड़ेगा.
पुराने iPhone का MagSafe चार्जर चलेगा?
हाँ, चलेगा. बस उसे पूरी स्पीड पर चलाने के लिए 30W का एडेप्टर चाहिए. Qi2 वाले नए चार्जर थोड़े तेज़ हैं, पर पुराना बेकार नहीं हुआ.
पुरानी Lightning केबल काम करेंगी?
नए iPhone में नहीं. iPhone 15 से Apple USB-C पर आ चुका है, इसलिए Lightning केबल सिर्फ़ पुराने डिवाइस के लिए बचेंगी.
केस अभी मंगा लूं या फ़ोन आने के बाद?
बाद में. लॉन्च से पहले बिकने वाले केस लीक हुए माप पर बने होते हैं और कैमरा कटआउट अकसर गलत बैठता है. इवेंट के दो-तीन दिन बाद तक रुकिए.
क्या सितंबर में सामान्य iPhone 18 भी आ रहा है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक़ नहीं. सितंबर में सिर्फ़ Pro मॉडल और फ़ोल्डेबल की उम्मीद है, सामान्य मॉडल 2027 की शुरुआत में आ सकता है. Apple की आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार कीजिए